फैसल खान ने भाई आमिर खान और परिवार का पर्दाफाश किया | पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस

19 दिन के बाद मुझे आमिर के घर पे कैद कर दिया गया। जहां रूम के बाहर बॉडीगार्ड्स रहते थे और मुझे जबरदस्ती दवाई दी जाती थी। आई एम इनकैपेबल ऑफ़ टेकिंग माय डिसिशनंस। आमिर ने कहा था ऐसे बोलना है तुमको जाके जज के सामने। मुझे बहुत टॉर्चर सहना पड़ा। पागल इंसान को काम कौन काम देगा? मैं शायद एक नॉर्मल इंसान नहीं हूं। मैं फैमिली से अलग हो रहा हूं और मैं ऐसी फैमिली मैं चाहता नहीं जो मुझे नुकसान पहुंचा रही है। पुलिस के साथ आए थे आमिर जो उनका ही घर है असल में बेलाविस्टा में और उन्होंने मुझे धमकी दी के अगर तुम नहीं चलोगे मैं सबके सामने ये कहना चाहूंगा कि मेरे साथ बहुत गलत हुआ।

 

बट इससे पहले हरीश शेट्टी हां बंजारा साहब इससे पहले आई विल जस्ट इससे पहले जो हुआ था ना जो मुझे आमिर ने फोर्सफुली मेडिकेशंस दिए 2005 में और हां जब आपके आने से पहले भी आप तो 2008 में अब्बा जान के साथ आए थे कोर्ट में तो वो आपने लेकिन उससे पहले जो मेरे साथ हुआ था मेरा जो फैमिली ने गलत मेडिकेशन दिया मुझे टॉर्चर किया कोजी नर्सिंग होम में बंद किया। डॉ. हरीश शेट्टी ने वहां मुझे एग्जामिन किया और उनका पहला लाइन था डॉ. हरीश शेट्टी का के इसकी गुरमी निकालनी है। नाउ गुरमी इज़ अ मराठी स्लैंग एंड दैट मींस के डॉ. हरीश शेट्टी वांटेड टू रिमूव माय प्राइड, रिमूव माय ईगो एंड मुझे शॉक हुआ कि कोई डॉक्टर ऐसा बोल सकता है।

 

एंड फ्रॉम दैट फ्रॉम देन ऑन आई न्यू के ये मेरे साथ बहुत गलत होने वाला है। और मेरी बहन निकत हेगड़े, संतोष हेगड़े और मेरे अंकल इम्तियाज़ वह उस वक्त वहां डॉक्टर के सामने थे। लेकिन उन्होंने कुछ कहा नहीं डॉक्टर को कि आप ऐसे कैसे बात कर सकते हो। और फर्स्ट ऑफ ऑल आमिर ने भी आके मुझे गलत तरीके से पकड़ा और पुलिस के साथ आए थे आमिर। 2005 में मेरे घर पे जो उनका ही घर है असल में बेलाविस्टा में और उन्होंने मुझे धमकी दी के अगर तुम नहीं चलोगे साइकेट्रिस्ट के पास तो तुमको दूसरे रूम में डॉक्टर है वो तुम्हें इंजेक्शन देगा तुम्हें अनकॉन्शियस करेगा और तुमको जबरदस्ती लेके जाया जाएगा मेंटल इवैल्यूएशन कराने के लिए। तो मैं तो शॉक में भी था और मैंने आमिर को उस वक्त बोला कि ये सब करने की क्या जरूरत थी? अगर तुमको मेंटल इवैल्यूएशन करना ही था तो मुझे ऐसे ही बोल देते।

 

मैं तो तैयार था और मैं उस वक्त उनके साथ चला गया कोजी नर्सिंग होम में। वहां और उन्होंने मेरा फोन भी ले लिया। मेरे अंकल इम्तियाज ने मेरा फोन ले लिया और मैं बिल्कुल लाचार था। हेल्पलेस था और उनके मर्सी पे था आमिर खान और फैमिली के और फिर डॉक्टर ने जब ऐसी बात की तो मुझे मालूम पड़ गया कि मेरे साथ बहुत गलत होने वाला है और मुझे हर चीज सहनी पड़ेगी। लेकिन उस दिन भी मैंने उन लोगों को कहा था के मैं एक चींटी हूं। मेरी सिस्टर निखरत और संतोष हेगड़े को मैंने कहा था कि मैं चींटी हूं इस वक्त लेकिन एक दिन आएगा जब चींटी भी हाथी को मार गिराएगी। और शायद वो वो दिन आज आ गया है। मैंने मैं सबके सामने यह कहना चाहूंगा कि मेरे साथ बहुत गलत हुआ और मैंने बहुत सहा उनकी और उनके उनके टॉर्चर को सहा मैंने। बहुत ट्रोैटिक टाइम था मेरे लिए। तो ये 2005 में मुझे पहले कोजी नर्सिंग होम में बंद किया गया। जबरदस्ती दवाई दी की गलतसलत और फिर आमिर 19 दिन के बाद मुझे आमिर के घर पे कैद कर दिया गया जहां रूम के बाहर बॉडीगार्ड्स रहते थे और मुझे जबरदस्ती दवाइयां दी जाती थी और जब मैंने कोजी नर्सिंग होम में भी कहा था कि मुझे दवाइयां की जरूरत नहीं है। तब भी मुझे फोर्सफुल मेडिकेशन दिया। एक एक ड्रग का नाम है सेरेनिस जो उसका टेस्ट भी नहीं आता है और वह कलर कलरलेस भी रहती है। वाटर के कलर की रहती है। तो वो बॉडीगार्ड सब लोग मुझे वो दवाई देते थे पानी में इंजेक्शन के थ्रू बोतल में डालते थे और मैं मुझे पानी और खाना तो खाना ही था जिंदा रहने के लिए। तो जब मुझे एहसास हुआ कि मैं 20-20 घंटे सो रहा हूं। तुम तो मैंने मेरी सिस्टर को बुला के कहा कि मुझे पता है

 

कि तुम लोग मुझे दवाइयां दे रहे हो चुपचाप तो मैं ये ओवरडोज हो सकता है एंड आई कैन लूज माय लाइफ मैं अपनी जान खो सकता हूं तब मैंने डॉक्टर से रिक्वेस्ट किया और दिक्कत को रिक्वेस्ट किया कि मैं जो आप लोग दवा मुझे फोर्सफुली दे रहे हो मैं उसको लेने के लिए तैयार हूं क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि मुझे ओवरडोज हो जिससे मेरी जान को खतरा था तो ये सब टॉर्चर हुआ। फिर आमिर के घर पे मुझे एक साल बंद किया गया। जबरदस्ती और दवाईएं तभी भी चालू थी। तो फिर मैं मेरा वजन भी बढ़ते जा रहा था। 103 किलो हो गया था मैं। और फिर एक साल के बाद मैंने आमिर को कहा कि आप लोग ने कहा था कि एक साल के लिए आप लोग ने कहा था कि आप लोग मुझे कैद करेंगे। तो अब एक साल हो गया है 2006 का वक्त था वो और मैंने बोला कि मुझे फिर से जो आपका दूसरा घर है जहां मैं रहता था जहां आप आप लोग ने मुझे फोर्सफुली पिकअप किया था बेलाविस्टा में वहां भेजा जाए तो आमिर ने मुझे अलऊ किया कि मैं वहां जा सकता हूं। उन्होंने कहा क्योंकि एक साल में मैंने कुछ ऐसे ही उनको मौका ही नहीं दिया था कुछ मेरे अगेंस्ट कहने का करने का तो एक साल के बाद मुझे घर जाने दिया वापस और फिर 2007 में फिर सब ठीक चल रहा था। मैं कुछ गोट फार्म स्टार्ट करने की कोशिश कर रहा

 

था और उसके यहां अहमदनगर में एक मैंने जमीन भी देखी थी और वहां गोट फार्म स्टार्ट करने की मैं कोशिश कर रहा था और कुछ लोगों को मिल रहा था उसके उसके लिए तो वो सब काम चल रहा था। सडनली आमिर ने मुझे 2007 में बुला के दोपहर को डॉ. हरीश शेट्टी और आमिर ने कहा कि तुमको कल जाना है। अपनी सिग्नेटरी राइट्स देना है। अब सिग्नेटरी राइट्स वो होता है कि आपका पूरा हक एक इंसान का छीन लिया जाता है और आपको कोई पावर नहीं रहता है साइन करने का और आपका अस्तित्व बिल्कुल शून्य हो जाता है। जीरो। मतलब आप एक आदमी हैं। आप जी रहे हैं लेकिन आप कुछ कामकाज नहीं कर सकते। कोई चेक साइन नहीं कर सकते। कोई एग्रीमेंट साइन नहीं कर सकते। तो मुझे जब यह पता चला मैं उनको तो हां हां बोल रहा था कि मैं जाऊंगा और डॉक्टर और जज के सामने बोलूंगा के आई एम इनकैपेबल ऑफ टेकिंग माय डिसीजंस। आमिर ने कहा था ऐसे बोलना है तुमको जाके जज के सामने के मैं अपने फैसले खुद ले नहीं सकता और मुझे एक गार्डियन की जरूरत है।

 

तो उस वक्त तो मैं हां हां बोल रहा था उनको के हरीश शेट्टी को और आमिर को कि हां मैं जाऊंगा और सब करूंगा। लेकिन मेरे दिमाग में चल रहा था कि मैं अपने आप को अब कैसे बचाऊं और इस चक्रव्यूह से कैसे निकल पाऊं और तब मैंने फैसला किया घर जाकर कि मैं घर छोड़ दूंगा और मैं घर से निकल गया क्योंकि अब मुझे पता चल गया था कि मेरी फैमिली को मुझे टेक ऑन करना पड़ेगा। मेरी फैमिली मेरे खिलाफ है और मुझे अपनी फैमिली के सामने लड़ना पड़ेगा, खड़ा होना पड़ेगा और तब मैंने फैसला लिया घर छोड़ने का और मैं अपने दोस्त एक इंस्पेक्टर हैं मिस्टर सनके उनको मिला और उनसे मैंने राय ली कि मैं ऐसे-से फंस चुका हूं। मेरी फैमिली मुझ पर जुल्म कर रही है। उनको सारा मामला मैंने बताया। तो मिस्टर सनके ने कहा कि आप जाइए और आप एक गवर्नमेंट हॉस्पिटल में अपने आप को इवैल्यूएशन कराइए। और संके ने कहा आप तैयार हैं कराने के लिए तो मैंने कहा हां बिल्कुल अगर मैं बिल्कुल कराऊंगा इवैल्यूएशन मेंटल क्योंकि अगर मैं सच में पागल हूं तो मुझे फैमिली के पास जाना चाहिए और फिर मैं जाऊंगा तो मैंने केईएम हॉस्पिटल में जाके बहुत मुश्किलों से मैंने टेस्ट दिया क्योंकि जब आप जाते हैं कोई इंसान जब जाता है गवर्नमेंट हॉस्पिटल में टेस्ट करने को तो आपको वो बगैर एक फैमिली मेंबर के टेस्ट भी नहीं करते तो फिर मैं फंस गया फिर से क्योंकि कोई सब फैमिली मेंबर्स मेरे खिलाफ थे। तो फिर मैंने कैसे भी अब्बा जान को कांटेक्ट किया और अब्बा जान ने कहा कि मैं तुमको एक लेटर दे सकता हूं कि तुम नॉर्मल हो और तुम तुम्हारी जांच की जाए।

 

तो वो लेटर के बेसिस पे मेरा टेस्ट हुआ केएम हॉस्पिटल में। यह 2007 की बात है। 2007 अक्टूबर और फिर मेरे इंस्पेक्टर दोस्त जो थे सन के उन्होंने कहा कि आप दो-चार दिन के लिए जरा गायब हो जाइए जब तक ये रिजल्ट्स नहीं आते और जब ये रिजल्ट्स आ जाएंगे तो आपको कोई कैद नहीं कर सकेगा आमिर फैमिली आपको कोई खतरा नहीं रहेगा उनसे तो आप ये रिजल्ट्स आने का तक आप गायब हो जाइए। तो उस वक्त मैं खंडाला चला गया था और पता नहीं कैसे भी पता नहीं फैमिली को कैसे पता चल गया और उन्होंने पुलिस भेजा मुझे अरेस्ट करने खंडाला में और जब पुलिस बीच रात में आई खंडाला तो मैंने उनको पूछा कि आप लोग क्यों उन्होंने बोला आपको चलना पड़ेगा हमारे साथ हम खार पुलिस स्टेशन से हैं तो मैंने कहा कि लेकिन पुलिस को मैंने यह पूछा कि मैंने गलत क्या किया है पुलिस ज पकड़ती है जब आपने कुछ गलत किया हो तो मैंने पुलिस को क्वेश्चन किया कि आप मुझे किस सिलसिले में पकड़ रहे हैं? आपके पास वारंट है, क्या है? आप और आप किस जुर्म में मुझे पकड़ रहे हैं? लेकिन उन्होंने कहा कि आपकी मदद और सिस्टर ने एक कंप्लेंट डाली है पुलिस स्टेशन में कि आप सोसाइटी को के लिए हार्मफुल हैं। आप डेंजरस टू सोसाइटी हैं और आपको स्किजोफेनिया है। ये उनके डॉक्टर्स बोल रहे हैं।

 

तो मैंने कहा ये सब झूठी बातें हैं। तो उन्होंने बोला खैर आपको चलना पड़ेगा। आप चलिए हमारे साथ। तो उन मुझे उनके साथ चलना पड़ा क्योंकि वो होटल वाले ने भी बोला मुझे कि हम आपको रहने नहीं देंगे। तो यह सब हुआ बीच रात में खंडाला में और मैं पुलिस के साथ मुझे आना पड़ा। पुलिस को तो आर्डर मिला था कि कैसे जैसे तैसे भी फैसल को पकड़ के लेके आओ। तो पुलिस भी जो पुलिस भी लाचार थी। उन्होंने मुझे मजबूर थी और उनको आर्डर दिया गया था कि फैसल को पकड़ के लेके आओ जहां से भी तो ऐसा हुआ और मैं मुझे पुलिस के साथ जाना पड़ा और फिर मेरा फोन ले लिया गया। मैं मैं खार पुलिस स्टेशन में सो गया और जब सुबह उठा तो मुझे मेरा फोन मिला क्योंकि इंस्पेक्टर सनके ने जो खार पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर थे इंचार्ज उनको फोन करके कहा कि उनको फोन दे दो वापस फैसल को। तब मुझे मेरा फोन मिला और मुझे पता चला कि मैं मुझे कोर्ट में लड़ना है केस। अभी मेरी मदर जीनत ताहिर हुसैन और निखत हेगड़े ने केस डाल दिया है आपके ऊपर तो आपको केस लड़ना पड़ेगा।

 

तो तब मैं फोन खोल के मैंने जो ए बी सी डी ए ए अल्फाबेट से स्टार्ट किया और मैंने फोन लगाया अब्दुल रहमान को जो दनार चेंबूर में स्लॉटर हाउस में वो कुछ प्रेसिडेंट थे उस वक्त तो वो मेरे साथ गोट फार्मिंग का जो मैं खोलना चाह रहा था फार्म वो उसमें इनवॉल्व थे और वो मुझे गाइड कर रहे थे तो उन्होंने कुछ वक्त मेरे साथ बिताया था उस वक्त तो उन उन्होंने जब सुना कि मेरे ऊपर केस आ गया है। तब उन्होंने मुझे मैंने उनको बोला कि मुझे एक वकील की जरूरत है। तो उन्होंने मुझे बोला ठीक है मैं आपको मिलता हूं 10:00 बजे इधर बैंड्रा ईस्ट के कोर्ट में और एक वकील के साथ मिलता हूं। तो तब जाके एक वकील मिस्टर एस ए वासिद आए। उन्होंने मेरा केस टेक ऑन किया और फिर जब मैं कोर्ट में गया उस वक्त पेश हुआ तो मुझे पता चला के आई नीड सम पर्सन टू स्टैंड अ गारंटी फॉर मी। तो खैर कैसे तैसे भी करके मैंने एक एक एक इंसान आए जो मेरे लिए खड़े हुए गारंटर और तब जे जे और तब वकील साहब ने जज साहब ने तब जज साहब ने मुझे भेजा जे जे हॉस्पिटल में फिर से टेस्ट करने।

 

वो तो बोल रहे थे कि मेरे तुम्हारी फैमिली तो बोल रही है कि तुम स्कचफेनिया हो। लेकिन जज साहब ने बोला हम भी कोर्ट भी देखना चाहेगा ना कि तुम पागल हो कि नहीं। तो मेरा जे जे हॉस्पिटल में मुझे फिर से 20 दिन के लिए रखा गया लगभग 20 दिन और वहां मेरा पूरा टेस्ट हुआ। वो फिर कोर्ट केस लड़ा गया। फिर बंजारा साहब भी मुझे मिलने आए मेरे डैडी के साथ जे जे हॉस्पिटल में। वहां मैं उनको पहली बार मिला और मेरे डैडी ने कहा कि ये लॉयर हैं मिस्टर वंजारा एडवोकेट और ये तुम्हारा केस भी लड़ेंगे। मेरे मेरे मेरे साइड से खड़े रहेंगे। मतलब अब्बा जान के साइड से और तब कस्टडी बैटल शुरू हुई। आमिर चाहते थे कि वो मुझे मेरी कस्टडी ले। आमिर और फैमिली चाहती थी कि वो मेरी कस्टडी लें और मुझे फिर से दवाइयां खिलाएं। लेकिन क्योंकि बंजारा साहब थे और अब्बा जान मेरे लिए खड़े हो गए थे। तो जज ने जो नेचुरल गार्डियन होता है फादर उनके फेवर में डिसीजन दिया और मुझे कस्टडी मेरे फादर को मिली और जज साहब ने यह भी कहा मैंने आप लोग को एक वर्डिक्ट भी दूंगा जो कोर्ट का वर्डिक्ट है वो आप लोग उसके थ्रू जा भी सकते हैं कि जज के कोर्ट ने मुझे क्लीन चिट दी है मैं केस जीता और जज साहब ने मुझे एक तो टेस्ट कराया जे जे में और फिर मुझे कुछ कंडीशंस रखी थी के मैं रोज जाके पुलिस स्टेशन में हाजिरी दूं और जो भी जज साहब ने कहा था मैं पूरा उसके ऊपर मुकम्मल उतरा और मैं सब करते गया और फिर जब अब्बा जान के ऊपर प्रेशर पड़ा मॉनिटरी तो अब्बा जान ने भी मेरा साथ छोड़ दिया और उनका पैसा पानी बंद किया गया फैमिली के थ्रू तो ये सब हुआ और अब्बा जान ने मेरा साथ छोड़ दिया लेकिन ऊपर वाला है तो जज साहब साहब ने बोला कि मैं आमिर को कस्टडी नहीं दूंगा।

 

मैं फैसल को छोड़ दूंगा टू लिव हर लाइफ। तो ज- जजमेंट में उन्होंने प लिखा है कि पर्पसली ही लेफ्ट मी अलोन टू सी हाउ आई रिएक्ट इन सोसाइटी एंड हाउ आई डील विद सोसाइटी। तो ये जज साहब का बहुत अच्छा एक फैसला था और उन्होंने मुझे जीने दिया। मैं जी रहा था। तब तक केस भी चल रहा था। मैं सब सोशल एक्टिविटीज कर रहा था। उसका प्रूफ मैं जज साहब को दे रहा था हर इयरिंग पे कि मैं मेरी क्या-क्या एक्टिविटीज हैं। और फिर केस चला और फिर चार महीने के बाद फब 16th को मुझे वर्डिक्ट दिया गया जज ने कहा कि यू आर अ नॉर्मल पर्सन एंड यू कैन लिव योर लाइफ फ्रीली एज अ इंडियन सिटीजन एंड यू डोंट हैव पैरोनाइट स्किफेनिया। और यह सब करके मुझे एक क्लीन चिट मिली। मैं केस जीत गया। केस मेरे हक में गया। और तब मैं अपने कामों में फिर से लग गया। तो यह पूरी स्टोरी थी और जो मेरे साथ हुआ तो मुझे बहुत टॉर्चर सहना पड़ा इस दौरान। फिर मैं घर से बाहर रहा और बस जिंदगी चलती गई। मैं अपने कामकाज में व्यस्त हो गया, बिजी हो गया। काम ढूंढने की कोशिश कर रहा था। उस दौरान कुछ लोग पूछते हैं मुझे कि मैं मुझे पैसा कहां से मिल रहा था? मैं कैसे जी रहा था? तो मैं मेरी कुछ पॉलिसीज थी। LIC पॉलिसीज पीपीएफ फंड्स जो मैंने तोड़ा। फिर एक एक शख्स थे हारून भाई जो जिन्होंने मुझे जिन जिनको मेरी कहानी पसंद आई। उन्होंने मुझे साइन कर लिया था उस वक्त एक पिक्चर के लिए तो वहां से पैसा आया। जो जमीन मैंने खरीदी थी उस वक्त गोट गोट फार्म के लिए अहमदनगर में। मैंने वो डील कैंसिल की। वहां से थोड़ा पैसा आया। एक बिग बॉस करके एक शो है जो मुझे बहुत लेना चाह रहा था उस वक्त। तो उनसे थोड़ा साइनिंग अमाउंट मिला मुझे।

 

मैं शो में तो गया नहीं लेकिन साइनिंग अमाउंट मुझे मिला करीब 4 लाख उस वक्त। तो ये सब से मेरा गुजारा चल रहा था। मेरा मेरा गुजर चल रहा था और मैं एक रिस्पेक्टफुल रिस्पेक्टफुल जिंदगी जी रहा था। तो ये सब मामले चले और फिर जिंदगी चलती गई और फिर मैंने आमिर को एक बार जाके बोला कुछ सालों के बाद दो-तीन सालों के बाद के मुझे कोई काम नहीं दे रहा है क्योंकि सब लोग समझ रहे हैं मैं पागल हूं। तो एक नॉर्मल इंसान को काम मिलना कितना मुश्किल होता है ये तो आप लोग जानते ही होंगे। तो एक पागल इंसान को काम कौन काम देगा? तो आमिर ने मुझे बोला ठीक है। मैंने बोला अभी तुमको मुझे रखना पड़ेगा। तो उन्होंने मुझे स्क्रिप्ट डॉक्टर की नौकरी दी 300 महीने पे और मैं अपना काम कर रहा था और चला रहा था अपने रोजमर्रा की जिंदगी। तो इस इस हिसाब से जिंदगी चलती गई। लेकिन आज तक भी दुनिया को कुछ डाउट है कि मैं शायद एक नॉर्मल इंसान नहीं हूं। मुझे आज तक वो झेलना पड़ता है वो समाज के सामने और मुझे काम मिलना मुश्किल हो जाता है।

 

हालांकि मैंने आगे चलकर एक फिल्म भी की चार दास्ताने इश्क जिसमें मैं लीड रोल था वो 2015 में रिलीज हुई और मैं कहानियों पर काम कर रहा था। मैं लिख रहा था। फिर बाद में एक पिक्चर मेरे और बनी डेंजर अहेड करके जिसके डायरेक्टर थे फैसल सैफ। लेकिन वह गुजर गए और पिक्चर अभी तक रिलीज़ नहीं हो पाई। तो फैसल सैफ ने वह पिक्चर मैंने मैंने शूटिंग कंप्लीट कर दी है वह पिक्चर की। उसका पोस्ट प्रोडक्शन थोड़ा बाकी है। लेकिन वो पिक्चर भी रेडी है। इस इस बीच में मैंने सोचा कि दुनिया जो भी सोचती है मेरे बारे में कि मैं मेंटल इंसान हूं। मैं पागल इंसान हूं। कोई बात नहीं। मैं अपने काम से प्रूफ कर दूंगा कि मैं क्या हूं। तो इस बीच में मुझे मौका मिला और मैंने फैक्ट्री पिक्चर डायरेक्ट की। उसमें एक्ट भी किया और उसमें गाना भी गाया। उसमें राइटिंग में भी इन्वॉल्व था। प्रोड्यूसर्स भी नए थे वो प्रोजेक्ट के फैक्ट्री पिक्चर के। तो मैं मैं प्रोडक्शन के भी डिसीजंस लेता था। तो पूरा भार फैक्ट्री का मेरे ऊपर आ गया था। मैंने एक पिक्चर बना दी फैक्ट्री। उसको रिलीज भी कर दी ऊपर वाले की मर्जी से। और यही मैंने चाहा कि दुनिया यह देखे कि अगर मैं एक वाकई एक पागल इंसान हूं तो मैं एक पिक्चर कैसे बना सकता हूं इतना मेहनत करके उसमें एक्ट भी करके डायरेक्ट भी करके उसमें प्रेशर बहुत था मुझे क्योंकि मैं दोनों काम संभाल रहा था लेकिन मैंने कहा कि चलिए मैं अपने काम से ही प्रूफ करूंगा कि मैं पागल हूं या नहीं

 

हूं। तो यह सब काम चलता गया और अब जब एक इंटरव्यू आया तो यह तो 2021 की बात थी। वो पिक्चर भी रिलीज हो गई फैक्ट्री। अब 2000 अब मैंने कुछ प्रोजेक्ट्स लिखे थे लॉकडाउन में जो मैं स्टार्ट करना चाह रहा था। तो मैंने एक इंटरव्यू दिया पिंक विला में और वो इंटरव्यू के बाद फैमिली वाले नाराज हो गए मुझसे और मैंने इंटरव्यू को इसलिए नहीं रोका मेरे मेरे सवाल पूछने से जो मेरे फैमिली के बारे में पूछ रहे थे क्योंकि मुझे सच को बाहर लाना था और मैं एक सच्चा इंसान हूं तो जो जो भी हुआ क्योंकि मैं क्यों छुपा हूं अगर सामने वाला जर्नलिस्ट मुझसे सवाल पूछ रहा है तो मैं जवाब दूंगा मैं क्यों बोलूं कि नहीं मैं इस सवाल का जवाब देना नहीं चाहता तो अगर मैं ऐसे बोलूंगा मतलब मैं कुछ छुपा रहा हूं और मैं यह नहीं चाहता कि मैं कुछ छुपाऊं और लोग लोगों से लोगों को रूबरू ना करूं कि मेरे साथ क्या हुआ है तो जो सवाल पिंकविला के एंकर अविनाश ने मुझसे पूछा तो मैंने उसका सहीसही जवाब दिया। सच्चा जवाब दिया। वो फैमिली वाले को अच्छा नहीं लगा। वो लोग नाराज हो गए और उन्होंने मुझे तो लगाई के मैं मिसलीड कर रहा हूं मीडिया को, पब्लिक को और उन्होंने और भी मुझ पे इल्जाम डाले। सारे फैमिली वाले मेंबर्स ने साइन किया वो वो वो वो लेटर बोलिए या इंटिमेशन बोलिए प्रेस को जो उन्होंने दिया था कुछ दिनों पहले।

 

तो मैंने फिर उसका जवाब यह दिया कि मैं फैमिली से अलग हो रहा हूं और मैं ऐसी फैमिली मैं चाहता नहीं जो मुझे नुकसान पहुंचा रही है जो मुझे हार्म कर रही है और मुझे बार-बार रोक रही है आगे बढ़ने से तो इससे बेहतर मैंने सच्चा मैंने यह समझा कि मैं फैमिली से ही अलग हो जाऊं और दूर हो जाऊं। तो इसलिए मैंने पब्लिक नोटिस जारी की न्यूज़पेपर्स में जिसमें ये कहा है कि मैं अपने फैमिली से दूर हो रहा हूं। अलग हो रहा हूं और मैं अपना फ्रीडम फ्री जिंदगी बगैर किसी प्रेशर के मैं जीना चाह रहा हूं। तो यह पूरा हुआ है और इसलिए मैं अपना अपना हक अपना अपना पहलू सामने रख रहा हूं आप लोग के सामने मीडिया के सामने ताकि दुनिया को पता चले कि मेरे साथ क्या-क्या हुआ, क्या-क्या गलत हुआ। तो दैट इज ऑल आई वुड लाइक टू से। उससे पहले एक उससे पहले उससे पहले वो जो आपने जैन साहब का वो जो बीमारी हुई थी और हॉस्पिटल में थे आप बताइए बिफोर दैट इसको ऐसे बिफोर दैट मिस्टर ताहिर हुसैन वाज़ इन लीलावती हॉस्पिटल ही आस्क्ड मी मिस्टर बंजारा आई वांट दैट कि मिस्टर संतोष इगड़े एंड अदर पर्सन दैट इज़ निकत शुड नॉट कम टू मी इन द हॉस्पिटल। आई डोंट वांट टू सी देम देयर फेसेस एंड वांट टू टेक ऑफ़ एनीवन एडवाइस। यू प्लीज सी दैट कि दे शुड नॉट कम।

 

दैट वाज़ द पर्सन संतोष हेगड़े एंड द निकत। एज दे वर इनवॉल्व विद द फैमिली मेंबर्स एंड टीचिंग देम बैड थिंग्स एंड पुटिंग द बैड थिंग्स इन द अमीर इयर्स तो इट्स व्हाट ही वांटेड दैट के दे शुड नॉट कम टू इन द हॉस्पिटल बट अकॉर्डिंग टू मी बीइंग अ आमिर दो ही इज़ अ इंटेलिजेंट पर्सन मेक ए गुड फिल्म आल्सो एंड ही केम अंडर देयर रिप्रे इंपेशंस एंड लिसन टू देम स्पेशली संतोष एगड़े एंड निकत दैट इज़ द ओनली थिंग आई वांट एंड आई वांट रिक्वेस्ट यू दैट अकॉर्डिंगली ऑन द पॉइंट ऑफ नाउ दैट मिस्टर हरीश शेट्टी ही इज़ अ रिनाउंड साइकेट्रिस्ट ही इज़ आई वी विल बी सीइंग दैट ऑन दैट पॉइंट एंड वी विल बी राइटिंग टू द मेडिकल काउंसिल दैट हिज़ लाइसेंस टू बी कैंसिल्ड एज अ डॉक्टर दैट इज आवर रिक्वेस्ट दैट इज आई एम टेलिंग ऑन बिहाफ ऑफ मिस्टर फैजल खान दैट वी विल बी डूइंग एंड आफ्टर दैट आफ्टर द पब्लिक नोटिस वी वांटेड टू फाइल एडिट पिटीशन इन द ऑनरेबल हाई कोर्ट आफ्टर द 30 डेज ऑफ द पब्लिक नोटिस एंड अकॉर्डिंगली नोटिस विल बी इशूड टू देम एंड इन दैट नो इन दैट रिट पिटीशन दे हैव टू फाइल देयर एफिडेविट देयर इज़ नो अल्टरनेटिव दे हैव टू कम आउट ओपनली एंड से दैट एंड मंथ्स विल गेट द रिट पिटीशन फाइल इन इन द इन द हाई कोर्ट देन वी विल गेट इंशा्लाह गुड ऑर्डर अकॉर्डिंगली व्हिच वी हैव गॉट फ्रॉम अर्लियर फ्रॉम द बैंड्रा नाइंथ कोर्ट ऑन 16th टू 2008 आई थिंक सो फेब फेब फेब 16th 2008 16 या यस फेब 16 2008 एंड आई हैव गट द कॉपी ऑफ़ दैट आल्सो उनको भी कॉपी दी जाएगी एंड आई विल बी गिविंग दिस कॉपी टू एवरीवन। दूसरी बात ये है

 

कि एक पॉइंट मैं आप लोगों को बता औरेंट पॉइंट ये था कि इन बिटवीन मिस्टर ताहिर हुसैन साहब वाज़ वेरी मच से। वेरी मच सिक। ताहिर हुसैन साहब वेरी मच सिक। मैं पकड़ता हूं। ताहिर हुसैन साहब वेरी मच सिक एंड देन ही वास नॉट एबल टू कंट्रोल यूरिन। सो आमिर है आमिर खान एंड निकत एंड संतोष हेगड़े फोर्स मिस्टर ताहिर हुसैन साहब दैट कि यू फर्स्ट ड्यू देयर वाज़ अ वन वूमन टू हुम ही हैज़ गॉट मैरिड अर्लियर दैट इज़ मिसेस मिसेस चाइनाज़ शी वाज़ अ बोरी यू गिव डवर्स टू हर एंड देन ओनली विल टेक यू टू द हॉस्पिटल एंड देन वी विल विल सी दैट कि योर मेडिकल ट्रीटमेंट बी गिवन दैट इज़ अ वेरी बैड थिंग व्हिच आई केम टू नो आफ्टरवर्ड्स बट बिकॉज़ आई वाज़ नॉट इनवॉल्व इन द फैमिली मैटर्स ऑल दिस थिंग बट आई केम टू नो इन द लास्ट टाइम फ्रॉम द माउथ ऑफ द मिस्टर नासिर हुसैन साहब दैट इज़ द ओनली थिंग एंड आई आई आस्क्ड हिम दैट यू मैरिड मिस्टर शहनाज़ तो व्हाट वाज़ योर महल एंड इदत अमाउंट वेदर यू आर पेड ऑर नॉट तो बोले नो आई हैव नॉट पेड दैट इज़ ए प्रेशर एंड दैट वाज़ द दिस थिंग्स ऑन माय हेड व्हिच आई हैव टू डू इट बट अनफॉर्चूनेटली ही कुड नॉट डू इट दैट इज द ओनली थिंग एंड देन आफ्टर हाई कोर्ट फाइलिंग इन द हाई पिटीशन इन द ऑनरेबल हाई कोर्ट देन अकॉर्डिंगली वी विल मूव टू द मेडिकल काउंसिल टू कैंसिल द लाइसेंस ऑफ मिस्टर हरीश शेट्टी हु इज द रनाउंड साइकेट्रिस्ट दैट इज माय हंबल थिंग व्हिच आई वांट यू पीपल टू मेंशन इन द इन योर प्रेस कॉन्फ्रेंस।

 

थैंक यू। और दूसरी बात यह है कि आप लोग पूछेंगे कि फैमिली ऐसे ही क्यों टॉर्चर करने लग गई? तो जो जो मेन मुद्दा था मेरा मेरा एक डिवोर्स हो चुका था। मैं मैं मेरा एक शादी हुई थी 2002 में एक लड़की के साथ और 2002 जनवरी में मैं उनको मिला था वो लड़की को। फिर अगस्त में अह मेरी शादी हुई और दिसंबर 2002 में मेरा डिवोर्स हो गया। तो तब से मेरा फैमिली प्रेशर डाल रहा था मुझ पर कि मैं मेरी आंटी से शादी करूं फैमिली में। मेरी मदर की फर्स्ट कजिन। और मैं यह बिल्कुल नहीं चाह रहा था। तो उन लोग ने उस वक्त से मुझ पर प्रेशर डालना शुरू किया और वो प्रेशर डाल डाल के उस वक्त से उन्होंने मुझे प्रेशर डालना शुरू किया कि शादी कर लो शादी कर लो शादी कर लो और मैं अपने काम में लगा था और मैं बिल्कुल इंटरेस्टेड नहीं था शादी करने में तो उसको लेके फैमिली के साथ मेरे काफी अह बहसत होती थी अनबन होती थी तो इसलिए मैं फैमिली से दूर रहने लगा था क्योंकि अगर मैं वहां बैठता तो लड़ाई झगड़ा होता और मुझे लड़ाई झगड़ा बिल्कुल पसंद नहीं है। तो इस मुद्दे को लेकर मैं फैमिली से दूर भी जाने लगा था और तब उन्होंने यह कहा कि ये पागल हो गया है। क्योंकि मैं फैमिली को नहीं मिल रहा था। मैं पूरी दुनिया में उठ रहा था, बैठ रहा था, लोगों को मिल रहा था। सिर्फ फैमिली से अलग था। तो फैमिली को ये गुस्सा आ गया कि और मदर को गुस्सा आ गया कि वो मैं मेरी उनकी उनकी मेरी आंटी से मैं शादी नहीं कर रहा हूं। तो यह भी एक बहुत बड़ा मुद्दा था ये सब शुरुआत होने की। नाउ आई थिंक आई हैव कवर्ड एवरीथिंग। वी आर ओपन फॉर क्यूएनए। अब ये जो सवाल पूछेंगे कौन सा माइक? फैसल जी आप लोगों ने साथ में काम किया था आपने और आमिर ने जी उस वक्त तक क्या सब सही था और क्या उसके बाद से चीजें गड़बड़ होने लगी? क्या आपने रियल रीज़न पूछा कि यही रीज़न जो आपने बताया यही था कि इसके अलावा भी नहीं इसके अलावा भी रीज़न हो सकता है के आमिर आमिर ने जब मेरी पहली पिक्चर मधोश बन गई थी 1994 1992 में शूटिंग शुरू हुई थी अब्बा जान ने वो प्रोड्यूस किया था मेरे लिए डैडी ने तो आमिर ने उस वक्त भी मेरी पिक्चर की कहानी नहीं सुनी थी जब उन्होंने शुरू किया था तो पता नहीं कुछ लोग बोल रहे हैं

 

कि मीडिया में कि आमिर की जेलसी उस वक्त से थी तुम्हारे साथ तो शायद वो जेलसी बढ़ते-बढ़ते उसका यह रूप हो गया कि मेला के बाद जब मेला रिलीज हुई तो अ मतलब मेरा काम थोड़ा ज्यादा अच्छा लगा लोगों को। तो ये लोग मुझे कहते हैं आज तक कि तुमने ज्यादा अच्छा तुमने बेस्ट काम कर दिया मेला मूवी में। तो शायद आमिर को और भी जेलसी बढ़ गई होगी। क्योंकि मेला के परफॉर्मेंस के बाद ही आमिर ने मुझे बुला के बोला कि फैसल तुम्हें एक्टिंग नहीं आती है। तुमको एक्टिंग छोड़ देनी चाहिए। तो ही वाज़ नॉट इनकरेजिंग एट दैट टाइम। तो मे बी व्हाट द व्हाट आई हैव हर्ड दैट ही वाज़ जेलस एंड ही वाज़ कुछ सिबलिंग राइवलरी रही होगी जिसकी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया। एंड कुड बी पॉसिबल यस। नेक्स्ट। सर आपने पब्लिक नोटिस लिखा है कि आई डोंट एक्सेप्ट एनी मंथली अलाउंस आउट पर अभी जब आपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बोला तो आपने इस बात का कोई जिक्र नहीं किया कि आपको कोई मेंटेनेंस या अलाउंस उनकी तरफ से मंथली जी जी ये अच्छा सवाल आपने पूछा नहीं मुझे एक मेंटेनेंस मिलता था जब मैं घर वापस लौटा तो पहले तो मुझे 300 पगार मिलती थी जो मैं स्क्रिप्ट डॉक्टर स्क्रिप्ट डॉक्टर डॉक्टर था मैं तो तब मिलती थी। फिर आमिर ने एक दिन मुझे बुला के बोला कि फैसल मैं तुमको नौकरी से निकाल रहा हूं। तो नो नीड टू कम टू द ऑफिस। तो मे बी ही फल्ट आई वाज़ नॉट वर्किंग हार्ड इनफ और व्हाटएवर। तो शायद उन्होंने वो कदम उठाया। तो अब अब मेरे पास पैसा कहां से आए? क्योंकि दुनिया तो अभी तक मुझे पागल समझती है। तो कौन काम देगा? तो फिर मैंने आमिर से बहस इज्जत की एक दिन। और मैंने बोला कि यू विल हैव टू गिव मी अ मंथली सस्टेनेंस टिल आई डोंट स्टैंड ऑन माय 2 फीट। बिकॉज़ तुम्हारी वजह से मैं अह पागल करार किया गया हूं। तो उन्होंने एग्री किया और उन्होंने बोला कि ठीक है मैं एक में मंथली तुमको अलाउंस दूंगा। तो वो अलाउंस तय हुआ तो मुझे मिलता था। तो अब जब मैंने घर छोड़ दिया जब मैंने पब्लिक नोटिस जाहिर की तो मैंने यह फैसला लिया है कि ना मैं उनके घर में रहूंगा और ना मैं उनसे मंथली मनी लूंगा। जो जो है ऊपर वाला देगा। मैं मेहनत करूंगा। मैं अपना जो भी मैंने सीखा है फिल्म लाइन में मैं एक पिक्चर डायरेक्ट भी कर चुका हूं। तो मैं डायरेक्शन की तरफ जा रहा हूं और मैंने एक नए प्रोजेक्ट पे भी काम की है। कुछ एक्टर्स को भी हम लोगों ने सुनाए हैं कहानी जो अभी मतलब 14 एक्टर्स हमारे लिए राजी भी हो गए हैं।

 

तो मैं अपना खुद मेहनत करूंगा और अगर ऊपर वाला चाहेगा तो मैं पिक्चर भी डायरेक्ट करूंगा और एक्टिंग भी कर सकता हूं। कुछ रोल्स ऑफर होंगे तो। तो आई एम ओपन टू एवरीथिंग। एक और पॉइंट तो अभी मैं पैसा नहीं लूंगा आमिर से ना उनके घर में रहूंगा। एक और पॉइंट था कि आपने कहा कि मुझे बिग बॉस का साइनिंग अमाउंट मिला था। एंड वी ऑल नो कि आमिर एंड सलमान आर गुड इन गुड टर्म्स। तो क्या वजह थी कि साइनिंग अमाउंट मिलने के बाद भी आप बिग बॉस हाउस में थे। हां। तो उस वक्त भी बिग बॉस में बिग बॉस का जो मुझे मिला था साइनिंग अमाउंट सडनली मुझे निकाल दिया गया वहां से। तो मुझे पता चला कि आमिर ने कुछ स्ट्रिंग्स पुल किए और उनकी वजह से ही मुझे निकाला गया। जब उनको पता चला कि मैं बिग बॉस में जाऊंगा उस वक्त और मैं सब दुनिया के सामने अपना जो भी पेश करूंगा जो आज मैं पेश कर रहा हूं तो वो डर गए और वो उन्होंने मुझे बिग बॉस से निकाल दिया। तो ओनली ही कुड हैव यूज्ड हिज पुल एंड पावर टू रिमूव मी फ्रॉम बिग बॉस। वरना मैं वो शो भी करता। और कुछ? सर मेरा सवाल आपसे जिस तरह से फॉल्स एलगेशन और चार्जेस लगाए गए हैं फैसल पर और अनसाउंड माइंड डिक्लेअ किया है बट कोर्ट के वर्डिक्ट ने उनको फ्री और फिट एंड फाइंड कर दिया बट अगर आगे जाकर यू नो ये अगर केस फाइल करते हैं अपनी फैमिली के अगेंस्ट तो व्हाट विल बी द पनिशमेंट टू दिस फैमिली दे पनिशमेंट शी आस्किंग अबाउट द रिट पिटीशन आई थिंक व्हाट इज़ द कॉन्सीक्वेंसेस ऑफ़ द रिट पिटीशन? कॉन्सीक्वेंसेस ऑफ़ द रिटिशन दैट विल बी फाइलिंग इन द रिट पिटीशन इन द ऑनरेबल हाई कोर्ट एंड दे हैव टू फाइल देयर रिप्लाई आफ्टर नोटिस टू देम। दैट इज़ द ओनली थिंग देन वी विल कम टू नो दैट व्हाट इज़ रिप्लाई इनकमिंग। सो व्हाट इज़ वाज़ देयर रियल इंटेंशन? व्हाट वाज़ देयर रियल इंटेंशन? यू विल कम टू नो।

 

व्हेन दे फाइल द रिप्लाई। बट उसे कुछ कॉन्सक्वेंस नहीं होंगे ना। उसे मतलब जेल-वेल नहीं जा सकते। नहीं करेंगे जिस तरह जस्ट टू गेट यू थिंक दैट कि वी विल गेट द आर्डर फ्रॉम द हाईकोर्ट इन द रीड पिटीशन के दे हेंस बोथ ही दे शुड नॉट मीन्स मिस्टर संतोष हेगड़े निकत एंड अदर पीपल शुड नॉट इंटरफेयर इन द लाइफ ऑफ़ मिस्टर वो एक लीगल देखिए जैसे मैंने एक पब्लिक नोटिस जाहिर किया तो ये लीगल नहीं था ये मेरी तरफ से एक नोटिस जाहिर किया गया था लेकिन रिट पिटीशन लीगली कटिंग होगा उनको कुछ कॉन्सक्वेंसेस नहीं होंगे। मतलब उनको ना कुछ सजा होगी ना कुछ होगा। लेकिन दैट विल बी अ लीगल स्टेप दैट आई एम कटिंग ऑल टाइल्स एंड यू कांट इंटरफेयर इन माय लाइफ एंड फ्रॉम द हायर कोर्ट वी विल गेट द ऑर्डर आफ्टर पब्लिक नोटिस। बट देयर इज़ नो जो पास्ट में आपके साथ हुआ उनके लिए पनिशमेंट मिला उन्हें क्योंकि आपके फादर ने तो आपको फिट एंड फाइन डिक्लेअ किया था। मेडिसिंस दिए गए थे। आपको पागल करार दिया गया था। उसके बाद आपको लॉक किया गया था घर में। तो ये सारी जो साजिश रची गई थी आपके अगेंस्ट और आपको बंद किया गया था। तो उनके खिलाफ ऐसी कुछ हुई उसके लिए कुछ सजा मिल सकती होगी। नहीं रेड पिटीशन में सजा नहीं। नहीं बट हमने वो हमने जो केस लड़ा था वो जो हम लोगों ने पहले जो 2007 और आठ में केस लड़ा था वो उसमें हम लोग ने कुछ फाइल नहीं किया कि हमको कुछ कंपनसेशन चाहिए या उनको उनको उनको कुछ उनके खिलाफ हमने किया नहीं था एंड आई डोंट नो आई वाज़ नॉट इंटरेस्टेड इन आई जस्ट वांटेड कि मेरा पीछा छूटे इन लोगों से और मैं अपने काम में जीूं और अपना काम करूं। तो मेरा इंटेंशन यह नहीं था कि मैं उनको सजा दूं या उनको कुछ दूं। सजा तो ऊपर वाला देगा। सजा मैं क्या सजा देगा। लोग क्या सजा देंगे? जो सजा देना है

 

वो ऊपर वाला देगा। वो हम लोग सब हैं दुनिया में देखेंगे कि क्या होता है आगे। तो मुझे नहीं मुझे तो जान छुड़ानी थी। अपनी जान बचानी थी ना कि उनको सजा देना था। बट हाउ इज इट? लाइक बॉलीवुड में एक तो आपने ओपनली बात की है। बहुत बड़ी बात है। इजी होगा आपके लिए आगे बढ़ना। बॉलीवुड में व्हाट यू थिंक? नहीं आई एम गोइंग टू ट्राई माय बेस्ट। एंड अगेन आई बिलीव इन गॉड अ लॉट। तो क्या होता है कि मैं खुदा ऊपर वाले में भगवान में बहुत मानता हूं। तो भगवान ही रोटी देता है। भगवान ही हमको हर सांस देता है। तो वही हर चीज करेगा। अगर उसने मुझे इस धरती पे लाया है तो उसकी भी जिम्मेदारी होगी कि फैसल को आज खाना कहां से मिलेगा? और फैसल का काम आगे कैसे बढ़ेगा वो उसकी जिम्मेदारी हो जाती है। और अगर होना है तो होके रहेगा। नहीं होना है तो नहीं होगा। और जब अल्लाह ताला इतनी बड़ी यूनिवर्स को संभाल रहे हैं। इतने लोगों को संभाल रहा है और वो बहुत रहीम और करीम है। तो व्हाई नॉट टू फेस अस। वैसे फैमिली में कोई भी आपके साथ नहीं। फैमिली में डैडी मेरे साथ थे। जब तक उनको ऊपर मॉनिटरी प्रेशर नहीं पड़ा था, उनका फाइनशियल रोका नहीं गया था, तो वो मेरे साथ थे। लेकिन और कोई फैमिली मेरे साथ नहीं है। बिकॉज़ आई थिंक दे ऑल आई डोंट नो मे बी दे वांट टू बी विद आमिर। एंड मनी इज़ वेयर द मनी इज़ देयर एवरीवन वांट्स टू बी। तो, मे बी दे आर सपोर्टिंग आमिर एंड मे बी आमिर इज़ डूइंग सम फेवर्स फॉर देम।

 

मे बी आमिर इज़ मेकिंग सम मूवीस फॉर देम बिकॉज़ आई हैव हर्ड दैट ही इज़ मेड अ मूवी फॉर मंसूर डॉटर आल्सो। इमरान को भी उसने ब्रेक दिया था। तो कुछ इंटरनल फेवर्स भी होते हैं। फैमिली पॉलिटिक्स होती है। तो वो शायद सब कर चुर। मेरे पास तो कुछ पैसा नहीं है। मैं फिलहाल तो कुछ बना नहीं सकता किसके लिए। तो मे बी दे वांट टू लिक अप टू आमिर। एंड दैट्स व्हाट दे आर डूइंग। सो दिस इज ऑल फैमिली पॉलिटिक्स। उसमें मैं पिस रहा हूं। और उसके अंदर सबसे मेन रोल जो है मिस्टर संतोष एगड़े एंड निकत या मैं आप लोगों ने एक एनिमल पिक्चर देखी होगी जो बहुत हिट हो गई थी उसमें मैं तो सैल्यूट करता हूं संदीप बांगा रेड्डी को उन्होंने इतनी अच्छी तरह आजकल के रिलेशनशिप्स को दिखाया है उसमें भी अगर आप देखें तो एल्डर सिस्टर कैसे बिहेव करती है और उसका ब्रदर इन लॉ कैसे बिहेव करता है तो वेरी गुड। आई सल्यूट संदीप बांगा रेड्डी फॉर द फिल्म एनिमल। आई आई कुड रिलेट टू द फिल्म सो मच कि ऐसे हो रहा है मेरे साथ भी कि मेरी बड़ी सिस्टर और उसके मेरा ब्रदर इन लॉ कैसे बिहेव कर रहे हैं मेरे साथ। तो बहुत अच्छी तरह से पेश किया संदीप बांगा रेड्डी ने एनिमल पिक्चर को। मैंने दो-तीन बार देखा वो पिक्चर जाके। आप लोगों की डैडी की प्रॉपर्टी में कुछ हिस्सा मिला? जी जी।

 

डायरी के प्रॉफिट से मुझे कुछ हिस्सा मिला था और वो मैंने यूज़ अप कर लिया पिक्चर बनाने में और अपने काम में प्रूफ करने को जो फैक्ट्री पिक्चर मैंने बनाई थी तो उसमें यूज़ हो गया और कुछ मैंने रखा भी है थोड़ा कुछ पीपीएफ पीपीएफ बनाया था वापस तो कुछ वहां भी इन्वेस्ट हुआ है थोड़ा थोड़ा पैसा सर मैं पूछना था अगर कल हो के अमित जी बोले जो हुआ काम करते हैं जी जी एक सेकंड सर अमित सर कल जिस प्रेस आपने किए कल उन्होंने बोला कि जो हुआ उसे भूल जा शुरुआत करते साथ में काम करेंगे साथ में डिपेंड्स कि वो किस तरीके से माफी मांगते हैं मुझसे और फिर मैं तो चाहूंगा कि वो दुनिया के सामने भी आके माफी मांगे। सिर्फ मेरे साथ रूम में बैठ के माफी ना मांगे। यहां सामने आकर बैठे और बोले कि दुनिया को बोले, प्रेस को बोले कि मैं गलत था। क्योंकि रूम में तो कोई भी माफी मांग देगा मैं साथ में हो जाऊंगा तो ऐसा लगेगा कि फैसल क्या कर रहा है यार? कभी बोलता है कि हां मैं मिलूंगा। कभी बोलता है मैं छोड़ रहा हूं फैमिली को। आके दुनिया के सामने अगर गलती तुम इकरार करोगे तो ही मैं माफ़ करूंगा। वरना मैं माफ़ नहीं करूंगा। आमिर की आपको कथनी और करनी में फर्क नहीं लगता। उनकी सितारे जमीन पर जी जो स्पेशल चार्ज को बोलते हैं कि सोसाइटी से मिलेंगे वही आपको चाहते हैं आप सोसाइटी से दूर हो जाए। हां वो तो वो वो वो नहीं चाह आपका क्वेश्चन क्या था वो सोसाइटी जो की कथनी और करनी कथनी सारे जमीन पर स्पेशल चाइल्ड है

 

वो चाहते हैं कि सोसाइटी से मिक्स अप हो जाए हां वही आप तो चाहते हैं कि पागल दूर हो जाए हां क्योंकि मैं स्पेशल चाइल्ड नहीं हूं मैं मैं तो वैसा नहीं हूं लेकिन वो मुझ पर जुल्म करना चाह रहे थे शायद जेलसी की वजह से जो इन साहब ने कहा अभी कि शायद जेलसी होगी के फैसल मुझसे आगे ना बढ़ हो जाए कहीं तो मैं तो स्पेशल चाइल्ड नहीं हूं तो वो मेरे लिए स्पेशली वो नहीं केस अलग हो जाता है उनके सिबलिंग लाइब्रेरी उनका सामने आती है और वो चाहते हैं कि इसको स्कॉच करो इसको आगे बढ़ने ना दिया जाए बिकॉज़ ही कुड हैव हेल्प मी व्हेन आई मेड फैक्ट्री मूवी आल्सो आई वेंट टू हिम के यार ये पिक्चर मेरी कोई ओटीटी में बात करिए आप तो ही डिड हेल्प मी दैट टाइम आल्सो तो ही इज़ नॉट हेल्पिंग मी ही इज़ हार्मिंग मी ऑन एव्री लेवल तो आई दैट्स व्हाई आई एम डिक्लेयरिंग मायसेल्फ दैट आई एम कटिंग अवे ऑल टाइल्स विथ हिम एंड माय फैमिली एनी और एक एक और एक और बात मैं कहना चाहूंगा के जब फैमिली से मैं नाराज हुआ था तो मैंने एक लेटर लिखा था और उस लेटर में मैंने क्योंकि फैमिली मुझे बोल रही थी कि अरे यार तुम शादी करो शादी करो बहुत प्रेशर आ रहा था हर तरीके से आंटी के साथ हां मेरी आंटी के साथ तो मैंने एक लेटर भी लिखा उसमें उसमें मैंने ये लिखा मैंने हर फैमिली मेंबर की मैंने उसमें उस लिखा कि तुम क्या हो तुम क्या हो तुम क्या हो मतलब जैसे मैंने बोला निखत की तीन बार निखत एल सिस्टर की तीन बार शादी हो गई आमिर का शादी हुआ था डिवोर्स हो गया रीना के साथ और फिर उनका रिलेशन था जसिका ह्स के साथ जिसका उनका इललीगल बच्चा भी है आउट ऑफ वेड लॉक तो वो सब मैंने लेटर में लिखा था किरण के साथ ही वाज़ लिविंग इन दैट टाइम फिर माय फादर हैड गॉट मैरिड ट्वाइस फिर माय माय कजिन सिस्टर हैड गॉट मैरिड टू आई सेड डिवोर्स एंड मैरिड एंड डिवोर्स एंड मैरिड। तो मैं बोल रहा था यार तुम लोग मुझे क्या सलाह दे रहे हो? मतलब लेट मी लिव माय लाइफ हाउ आई वांट। तो उस लेटर में मैंने काफी उनको सुना भी दिया। थोड़ा अब्यूसिव लैंग्वेज भी यूज़ कर दिया क्योंकि मैं गुस्से में था।

 

तो वो भी उनको बुरा लग गया होगा शायद। कि ये तो अपना सच्चाई बोल रहा है अपने साथ। सच्चाई बहुत कड़वा कड़वी होती है। तो वो फेस नहीं कर पाए। तो ये सब लेटर पे मैंने लिख दिया। तो उन लोग का गुस्सा बढ़ गया। इसलिए लड़ाई झगड़ी बनाया छोड़ो मिलते ही नहीं। तो अब वो लोग प्रेशर डाल डाल के बोला यह पागल हो गया इसको पागल घोषित कर दो तो यह सब फैमिली पॉलिटिक्स की वजह से भी यह सब हुआ था तो आई थिंक आई हैव गिवन क्वाइट अ बिट ऑफ़ एक्सप्लेनेशन और कोई सवाल है इतना कुछ आप इल्जाम लगा रहे हैं खान पर सही भी होंगे नहीं नहीं सही भी होंगे नहीं सही है इल्जाम नहीं इल्जाम नहीं है व्हाट इज द फैक्ट से क्योंकि क्योंकि कोर्ट कोर्ट का हमको वर्डिक्ट मिला है हम इल्जाम नहीं लगा रहे हैं। ये हुआ है ये सब। तो अभी हाल फिलहाल में हमने ये देखा कि आमिर खान और उनकी टीम की तरफ से भी एक स्टेटमेंट आया था। जी। उसके बाद आप लीगली जा रहे हैं आगे। नहीं नहीं जो स्टेटमेंट आया था उसके बाद ही तो मेरा स्टेटमेंट आया कि मैं पब्लिक नोटिस दिया कि आई एम कटिंग ऑल टाइ्स। आई डोंट वांट टू बी विद लायर्स एंड एंड ऑल दैट। तो, दे आर लायर्स। एंड दे आर मिसलीडिंग द प्रे प्रेस एंड द पब्लिक। सो, आई एम कटिंग आउट ऑल टाइ बिकॉज़ दे गिव अ रोंग रिएक्शन दैट आई वाज लाइंग। तो आई डू नॉट मिक्स विद हिपोक्रेट्स एंड लयर्स। एंड दैट्स व्हाई आई गव द पब्लिक नोटिस दैट आई वांट टू कट ऑल टाइ वि द फैमिली। एंड मेरा वर्डिक्ट भी आप लोग पढ़िएगा क्या है? पब्लिक नोटिस के बाद आमिर खान मेरे फैमिली की तरफ से किसी का कॉल आया आपको? आज मेरी बहन का फोन बहुत आ रहा था। फरत। फरत, फरत का। ओके। फरत। बिकॉज़ आई वाज होल्डिंग अ प्रेस कॉन्फ्रेंस। आई हैव गोट द ऑन माय फोन। आई कैन शो यू हाउ मेनी टाइम शी इस कॉल्ड मी। तो व्हाई वर दे स्केर्ड दैट आई शुड नॉट कम एंड स्पीक टू स्पीक माय माइंड आउट एंड माय हार्ट आउट। अगर तुम लोग में दम है तो तुम लोग भी प्रूफ करो। अगर तुम बोलते हो कि फैसल पागल है

 

तो प्रूफ करो। खाली बोलो मत कि ऐसा हुआ, ऐसा करता था, वो करता था, प्रूफ लाओ। बिकॉज़ एंड देन वो प्रूफ उन्होंने कोर्ट के टाइम क्यों नहीं पेश किया? कोर्ट केस जब चल रहा था इनका। तब प्रूफ देना चाहिए था। अभी वो लोग भी आके कुछ भी बोल सकते हैं कि अरे फैसल ऐसा था, ऐसा करता था, यह करता था। तो कोर्ट में पेश करो ना। एट द टाइम दैट व्हेन द केस वाज़ गोइंग ऑन इन नाइंथ कोर्ट बांद्रा व्हिच व्हिच फिनिश्ड ऑन 16th ऑफ़ फेब। इन दैट आल्सो दैट दे हैव नॉट सेड एनीथिंग। दे विल बी फैब्रिकेटिंग। इफ दे से एनीथिंग दे विल बी फैब्रिकेटिंग स्टोरीज। सो लेट देम फैब्रिकेट। देन आई विल आल्सो आंसर। हो गया या आई थिंक एवरीवन हैज़ गॉट द आंसर्स एंड एवरीवन हैज़ आस्क देयर क्वेश्चन जी जी आपने मेला में बहुत अच्छा काम किया था तारीफ की थी जी आपको मुझसे किसी निर्माता था या निर्देशन में कभी कोई ऑफ किया काम करने के लिए जी मैं मैंने मैंने जब मेला पिक्चर रिलीज हुई और मेरा मेरा काम लोगों को पसंद आया। तो मैंने बहुत कोशिश की प्रोड्यूसर्स के पास गया। सबको मिला कि मुझे कुछ काम मिले। लेकिन किसी ने काम दिया नहीं। तो फिर मैं मायूस हो के मैंने सोचा चलो बड़े प्रोडक्शन हाउस बड़े लोग नहीं दे रहे हैं। तो मैंने कुछ छोटी पिक्चरें की क्योंकि छोटी पिक्चर भी कभी-कभी निकल जाती है।

 

तो मैंने बस्ती काबू बॉर्डर हिंदुस्तान का चांद बुझ गया। ये सब पिक्चरें की उस वक्त छोटी पिक्चरें थी। लेकिन मैंने सोचा कि चलो काम करते रहो। क्या पता क्या हिट हो जाए। तो मैंने काम नहीं रोका। फिर मैंने जब छोटी पिक्चरें मेरी नहीं चली तो मैंने टीवी सीरियल के तरफ भी मैं गया। मैंने आंधी टीवी सीरियल किया तो मैं लगातार कुछ ना कुछ काम कर ही रहा था। उस बीच में ये प्रॉब्लम शुरू हो गया। शादी करो शादी करो शादी करो वाला। तो फिर वो सब प्रॉब्लम शुरू हो गया। या सर आपने 18 साल की नहीं मैंने मैं जब देखिए क्या होता है ना हर चीज का एक वक्त मुकरर है जब मैंने जब मैं केस जीता तो उस वक्त भी मैंने सोचा था कि शायद मैं करूं मैंने दिमाग नहीं है कि मुझे प्रेस कॉन्फ्रेंस करना चाहिए क्योंकि मैं स्किपिंग आदमी नहीं हूं। मैं शातिर नहीं हूं। तो मैंने सोचता था कि यार कभी आएगा कि नहीं बाहर के लोगों को मालूम पड़ेगा कि नहीं कि मेरे साथ क्या हुआ है। लेकिन मुझे क्या लगता है कि हर चीज का एक वक्त मुकरर है जिंदगी में वो मेरे हाथ में भी नहीं है। तो वो इतने साल के बाद अभी जैसे मैंने मैंने मैंने एक एग्जांपल देता हूं आपको। मैं असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर इंडस्ट्री में आया था। कयामत से कयामत तक जो वही सिकंदर और तुम मेरे हो। लेकिन फिर मैंने डायरेक्ट किया फैक्ट्री इतने सालों के बाद। तो क्यों किया वो भी मुझे दी। मैं तो डायरेक्शन में जा रहा था। बट पता नहीं मैं उस एक्टिंग में चला गया। अब वो क्यों हो रहा है वो ऊपर वाला जानता है। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस होना था तो हो गया।

 

और आप लोग सब यहां हैं और जब वक्त हर चीज का वक्त मुकर्रर है जिंदगी में। जैसे जिंदगी और मौत का भी वक्त मुकर्रर है। आप ये नहीं बोल सकते कि मैं कल मर ही जाऊंगा। या मैं कल पैदा ही हो ही जाऊंगा। वो मुकर्रर है वक्त। वो होना है तो वो होगा। मेरे साथ जो होना था मुझे फैमिली के थ्रू होना था तो आई वेंट होना था। अब मैं नहीं बोल सकता क्यों हुआ वो तो ऊपर वाला ही जानता है कि क्यों और कब क्या होना है। आप इतना आध्यात्मिकली बात कर रहे हो बातों में इतना बार-बार आ रहा है कि ऊपर वाला देगा दौड़ देगा। तो आपको इतना कॉन्फिडेंस है कि ये मीटिंग करने के बाद कॉन्फ्रेंस करने के बाद मुझे बेनिफिट होगा। बेनिफिट तो मैं नहीं चाहता हूं। मैं खाली चाहता हूं कि मेरा नाम क्लियर हो। मैं नहीं चाहता हूं कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इसके लिए नहीं है कि मुझे काम मिल जाए। वो तो मेरा काम देखकर ही काम मिलेगा मुझे और वो वही है कि ऊपर वाला ही देगा। ये बेनिफिट ये नहीं है। बेनिफिट ये है कि मैं मेरी फैमिली से दूर हो रहा हूं। ये मैं उसकी तरफ लीगल स्टेप्स भी लेने वाला हूं। तो ये प्रेस कॉन्फ्रेंस उसके लिए किया गया है

 

कि भाई मेरे फैमिली वालों मेरे पीछा छोड़ो। और जो मेरा नाम खराब किया गया है वो सच जाहिर हो दुनिया के सामने इसके लिए किया गया है। ओके थैंक यू थैंक यू थैंक यू एवरीबॉडी जी खड़े होके आइए सर राइट पे राइट सर यहां से नीचे पेपर के साथ पेपर के हिसाब वो पेपर वो वाला वर्डिक वर्डिक पेपर दे वांट हां दिया इनको हां दिया ये बचा ये देखिए इसको पकड़िए आप बाहर साइड दिस एक एक वो तो उनको दे दिया एक ऐसे यहां यहां यहां देखिए भाई [संगीत] थैंक यू थैंक यू थैंक यू थैंक यू [संगीत] थैंक यू [संगीत] हरीश के बारे में बोल देता हूं ना वो बोल के बारे में बोल नहीं या आई विल कम दे

 

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