Nimisha priya मामले में फिर सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई,मिलेगी राहत ?

भारतीय नर्स निमषा प्रिया यमन की सलाखों के पीछे बंद हैं। सजाए मौत के चलते एक-एक दिन गुजर रही हैं। सजा पर फिलहाल अभी रोक है लेकिन सजा को टाला नहीं गया है। सजा को हटाया नहीं गया है। ऐसे में बड़ी मुश्किलों का सामना कर रही निमिषा प्रिया के नाम पर भारत में कुछ लोग उनके नाम पर पैसे एंठ रहे हैं। सरकार का नाम लेकर यह दावा किया जा रहा था कि निमिषा प्रिया को बचाने के लिए अब आम लोगों से चंदा मांगा जा रहा है। मदद मांगी जा रही है। ऐसे में विदेश मंत्रालय द्वारा जांच के बाद यह साबित हुआ कि निमषा प्रिया के नाम पर सरकार कोई भी पैसा नहीं मांग रही है।

 

बल्कि ऐसे लोगों से सावधान रहने की सलाह भी दी गई। लेकिन जहां इस तरह की हरकतें की जा रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने भी अपना एक बड़ा रुख साफ किया है। इन खबरों के बीच इन फर्जीवाड़े के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा बयान जारी किया है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में यमन में मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स निमषा प्रिया के मामले में व्यक्तियों और संगठनों और अन्य लोगों को असत्यापित सार्वजनिक बयान देने से रोकने के लिए निर्देश देने के अनुरोध संबंधित जो याचिका थी उस पर सुनवाई के लिए बीते दिनों सहमति जता दी। जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि वे याचिका की एक कॉपी अटॉर्नी जनरल आर वेंकट रमणी के कार्यालय को सौंपे। पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई 25 अगस्त तक के लिए आगे बढ़ा दी गई।

 

अब सुनवाई 25 अगस्त को होगी। इस बीच में जो याचिकाकर्ता थे वह थे के एल पॉल। उनका कहना था कि प्रिया से एक चौंकाने वाला पत्र उन्हें मिला है। वे कहते हैं कि वे पिछले कई दिनों से यमन में थे। पीठ ने पॉल से भी पूछा कि उनकी मां उनकी देखभाल कर रही है। आप चिंतित क्यों हो रहे हैं? याचिकाकर्ता ने कहा कि पत्र पर प्रिया और उसकी मां के हस्ताक्षर थे। उन्होंने कहा दोनों पक्ष एक शांतिदूत के रूप में मेरा सम्मान करते हैं। साल 1992 से मैं यमन जाता रहा हूं। वहां की समस्या युद्ध है। समस्या यह है कि निमषा प्रिया वहां पर फंस गई। वह एक पीड़ित है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि उन्होंने इस मुद्दे पर पीड़ित परिवार, होते नेतृत्व और अन्य लोगों से भी बातचीत की है। उन्होंने दावा किया है कि प्रिया ने मामले पर मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए कानूनी हस्तक्षेप का आग्रह किया है। इस समय मामले में बातचीत जारी है और कुछ लोग गलत बयानबाजी भी कर रहे हैं। यह दावा किया गया। अब इस पर सुनवाई के लिए यहां पर तारीख 25 अगस्त तय की गई है।

 

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