आवारा कुत्तों पर SC का आदेश,जान्हवी कपूर से रुपाली गांगुली तक ने किया विरोध,रवीना टंडन ने नसबंदी पर.

दिल्ली और एनसीआर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बीते सोमवार को एक आदेश जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगमों का तत्काल प्रभाव से आवारा कुत्तों को पकड़ कर शेल्टर में ही रखने का निर्देश दिया है। इस फैसले को कई लोग ने स्वागत किया लेकिन कई बॉलीवुड और टीवी स्लैब्स को लेकर इन्ह जो है नाराजगी जताई है। आपको बता दें जहां इनमें रबीना टंडन से लेकर अनुपमा फेम रूपपाली गांगुली भी शामिल है।

 

आइए जानते हैं किसने क्या कहा। जानवी कपूर ने Instagram पर स्टेटस लगाए कि जिसमें लिखा है कि वह एक खत वह इसे एक खतरा कहते हैं। हम इसे दिल की धड़कन कहते हैं। आज सुप्रीम कोर्ट कहता है दिल्ली एनसीआर की सड़कों से हर आवारा कुत्तों को हटा दे और उन्हें बंद कर दे। कोई सूरज की रोशनी नहीं, कोई आजादी नहीं, कोई जान जाना पहचाना चेहरा नहीं जिसे वह हर सुबह मिलते हैं। लेकिन यह सिर्फ आवारा कुत्ते नहीं, यह वो हैं जो बिस्किट के आपके चाय की दुकान के बाहर इंतजार करते हैं। यह दुकानदारों के लिए चुपचाप रात के पहरादार हैं। यह बच्चों के स्कूल से लौटने पर हिलती पूंछ है। यह ठंडे बेपरवाह शहर में गर्माहट है।

 

आपको बता दें जहां पर टीवी एक्ट्रेस रूपावली गांगुली ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की और उन्होंने कहा कि आवारा कुत्ते ना सिर्फ हमारे रक्षक हैं बल्कि हमारी संस्कृति और आस्था का भी हिस्सा है। उन्होंने Instagram पर लिखा हमारी परंपराओं के कुत्ते भैरव बाबा के मंदिर की रखवाली करते हैं और अमावस्या पर आशीर्वाद के लिए उन्हें खाना खिलाया जाता है। वे हमारी गलियों में पले पड़े हैं और दुकानों की रखवाली करते हमारे दरवाजों के बाहर इंतजार करते हैं। चोरों को भगाते हैं। अगर हम उन्हें भी हटा दें तो असली खतरा आने से पहले ही हम अपने रक्षकों को खो देंगे। जैसे आग लगने से पहले अलार्म बंद कर देना वे आवारा नहीं है।

 

उनकी देखभाल करें। उन्हें टीका लगाएं। उन्हें खाना खिलाएं और उन्हें वहीं रहने दें जहां वे हैं। जो समाज अपने बेजुबानों की रक्षा नहीं कर सकता वह अपनी आत्मा खो रहा है। आज कुत्ते हैं कल कौन होगा। अपनी आवाज उठाएं क्योंकि उनके पास आवाज ही नहीं है। आपको बता दें कि वरुण ने भी अपने Instagram पर यही नोट साझादा किया। धनश्री वर्मा ने दिल्ली के लोगों से गुजारिश की कि वे आवारा कुत्तों को गोद लें। आपको बता दें रवीना टंडन ने लोकल अधिकारियों पर आवारा जानवरों को नसबंदी के लिए ठीक से काम नहीं करने का आरोप लगाया था। उन्होंने एसटी सिटी से कहा था कि मुझे लगता है कि यहां एनडीज नई की आबादी बढ़ी है।

 

वहां सच कहूं तो इन बेचारे कुत्तों को दोष नहीं दिया जा सकता। इसका मतलब है तो लोकल यूनिट्स टीकाकरण और नसबंदी का अभियान नहीं चला रहे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसले से साफ कहा कि हर इलाके में आवारा कुत्तों को उठाना शुरू किया जाए। उन्हें दूसरी सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया जाए। अगर इस दौरान इस कोई संगठन या व्यक्ति बीच में आता है तो सख्त कारवाई की जाएगी। मानव जीवन और सुरक्षा पहले है। यह फैसले बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। कुत्तों के हमले और रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी के शिकार हो रहे हैं। बाकी की तमाम ऐसी अपडेट जानने के लिए बने रहिए हमारे साथ। देखते रहिए नेक्स्टाई।

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