भारत जिस मुकाम पर आज पहुंचा है उससे हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा होता है। चाहे वो सैन्य बल हो, चाहे वो वैज्ञानिक और स्पेस में जाने का हो, चाहे वो खेल कूद में हो, हम हर क्षेत्र में तरक्की कर रहे हैं। वो कहते हैं कि कभी-कभी जब आपको कोई दीवार की तरफ पुश करता है तो आपके पास एक ही चारा होता है कि आप वापस उसे पुश करना शुरू करें। कभी-कभी हमें अपनी शक्ति का एहसास तब होता है जब चारों तरफ से इस बात को महसूस कराया जाता है कि शायद हमारी शक्ति को कोई क्वेश्चन कर रहा है। तब लगता है कि हम तो बड़े ताकतवर हैं। हम में तो बड़ा बल है।
भारतीय जो है आज एक बहुत ही प्रेरणात्मक दौर से गुजर रहे हैं। ऐसा मुझे महसूस होता है और मैं ऐसा मैं जानता भी हूं। मैं तो हमेशा ही अपने आप को भाग्यशाली महसूस करता हूं। 140 करोड़ हिंदुस्तानियों की तरह कि हम यहां पैदा हुए हैं। विश्व भर में रह रहे सभी भारतवासियों को भारत के स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत बधाई एवं मेरी शुभकामनाएं। मेरी प्रभु से हमेशा प्रार्थना रहती है कि हमारा देश दिन दुगनी रात चौगुनी तरक्की करें और हम तरक्की कर रहे हैं। 79 इंडिपेंडेंस डे है आज। 79 एज एक देश को इंडिपेंडेंस के लिए बहुत ज्यादा नहीं होते हैं। लेकिन इन इन सालों में भारत जिस मुकाम पे आज पहुंचा है उससे हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा होता है।
चाहे वो सैन्य बल हो, चाहे वो वैज्ञानिक और स्पेस में जाने का हो, चाहे वो खेल कूद में हो, हम हर क्षेत्र में तरक्की कर रहे हैं। इकोनॉमिकली बहुत जल्द हम थर्ड लार्जेस्ट इकॉनमी बनने वाले हैं। तो आज तो हर भारतीय जो है वह अपने उज पर है। गर्व से कहता है कि हम भारतीय हैं। विदेश में हमारा बहुत मान है। और अब हम उस मुकाम पर पहुंच चुके हैं जब हम किसी पर जरूरी नहीं है दारमोदार हो, डिपेंडेंट हो। अह जो प्रधानमंत्री का सपना था कि हम अपने ही देश में सब उत्पादन करें। सब चीजें करें। सेल्फ रिलायंट हो। वो धीरे-धीरे पूरा होता जा रहा है। मैंने उनके चंद अलग-अलग पोर्शन सुने। मैं खुद किसी इवेंट पे गया हुआ था इसलिए सारा मैंने उनका भाषण नहीं सुना। बहुत ही बल देने वाला भाषण था। सत्य पर आधारित था। अ ऑपरेशन सिंदूर के बारे में उन्होंने बात की या जो बाहर के देशों से हमारे को बोला जा रहा है
कि ऐसा कर देंगे, वैसा कर देंगे। उसका भी अच्छा जवाब दिया उन्होंने और यह सत्य भी है। वो कहते हैं कि कभी-कभी जब आपको कोई दीवार की तरफ पुश करता है तो आपके पास एक ही चारा होता है कि आप वापस उसे पुश करना शुरू करें। जो कभी-कभी हमें अपनी शक्ति का एहसास तब होता है जब चारों तरफ से इस बात को महसूस कराया जाता है कि शायद हमारी शक्ति को कोई क्वेश्चन कर रहा है। तब लगता है कि हम तो बड़े ताकतवर हैं। हम में तो बड़ा बल है और इसके साथ-साथ ही हमें बहुत ही एक शांति को हमने हमेशा प्राथमिकता दी है। हमने इतना लंबा इतिहास है भारत का। भारत ने खुद कभी किसी पर हमला नहीं किया। पर उसके अलावा भी एस्पिरेशनल इंडिया है। आज हर कोई कुछ करना चाहता है। मैं एक्टिंग स्कूल चलाता हूं। उसमें अलग-अलग शहरों से, छोटे शहरों से, बड़े शहरों से लोग आते हैं, बच्चे आते हैं।
उन सब बच्चों की आंखों में एक चमक सिर्फ इस बात की नहीं कि वो एक्टर बनना चाहते हैं या कुछ बनना चाहते हैं। लेकिन भारतीय जो है आज एक बहुत ही प्रेरणात्मक दौर से गुजर रहे हैं। ऐसा मुझे महसूस होता है और ऐसा मैं जानता भी हूं। मैं तो हमेशा ही अपने आप को भाग्यशाली महसूस करता हूं। 140 करोड़ हिंदुस्तानियों की तरह कि हम यहां पैदा हुए हैं। आज दुनिया के हर देश से बेटर देश है ये। जो बड़े से बड़े देश जिनको इकोनॉमिकली नंबर वन नंबर टू पे कहा जाता है उनमें कितनी हलचल है आज वहां पर? हम तो आज हम तो छोटे-छोटे छोटे-छोटे किस्से तो घरों में भी होते हैं। घरों में भी बाप बेटे की नहीं बनती है। कभी-कभी झगड़े होते हैं। भाइयों की नहीं बनती है।
लेकिन फिर भी हम बहुत दृढ़ हैं। आज पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को भी आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया से वो किया कि एक जी उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत है और हम उन्होंने यह भी कहा कि अभी जो भी हमारे जो युद्ध में या अपने आपको बचाने के लिए या अपने आपकी रक्षा करने के लिए जो भी जो यंत्र हैं या जो भी मशीनरी है वो यहां पर बननी चाहिए और बनेगी। वही मैंने कहा ना व्हेन पुश कम्स टू शव देन इट यू शो योर पावर। ही आल्सो सेड कि यूएस डायरेक्ट पे भी जो कि फार्मर्स की पॉलिसीज के अगेंस्ट है ही विल स्टैंड लाइक व। सी आई थिंक दिस इज द बेस्ट टाइम बिकॉज़ समबडी हॅज़ चैलेंज्ड आवर कैपेबिलिटीस। एंड व्हेन आवर-पेबिलिटीस गेट चैलेंज्ड।
देन यू फाइंड दैट यू हैव लॉट ऑफ़ स्ट्रेंथ। यू हैव लॉट ऑफ़ पावर। हमें अपनी ताकत का एहसास तभी होता है जब हमें हमारी ताकत को चुनौती दी जाती है। तब लगता है कि नहीं चाहे वो फार्मर्स का हो, चाहे वो इकॉनमी का हो, चाहे वो सैन्य बल का हो। हम जैसे तैसे एक साथ जुड़कर उन सभी चीजों को हम उनका सामना कर लेंगे और बल्कि आगे बढ़ेंगे। सौरभ अभी कहां स्पेस में चले गए? सी वी आर द बेस्ट टीम इन सो मेनी थिंग्स। चेस में देख लीजिए। तो इट्स इट्स अ ग्रेटेस्ट मोमेंट टू बी इन टू बी एन इंडियन।
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देन यू फाइंड दैट यू हैव लॉट ऑफ़ स्ट्रेंथ। यू हैव लॉट ऑफ़ पावर। हमें अपनी ताकत का एहसास तभी होता है जब हमें हमारी ताकत को चुनौती दी जाती है। तब लगता है कि नहीं चाहे वो फार्मर्स का हो, चाहे वो इकॉनमी का हो, चाहे वो सैन्य बल का हो। हम जैसे तैसे एक साथ जुड़कर उन सभी चीजों को हम उनका सामना कर लेंगे और बल्कि आगे बढ़ेंगे। सौरभ अभी कहां स्पेस में चले गए? सी वी आर द बेस्ट टीम इन सो मेनी थिंग्स। चेस में देख लीजिए। तो इट्स इट्स अ ग्रेटेस्ट मोमेंट टू बी इन टू बी एन इंडियन।
